ब्‍लॉगर का नया गैजट : फालो बाई ई मेल

ब्‍लॉगर डाट काम नें अब ब्‍लॉग पोस्‍टों को पाठकों तक सीधे पहुंचाने के उद्देश्‍य से एक नया गैजैट पिछले दिनों प्रस्‍तुत किया है। Follow by Email नाम का यह गैजैट फीडबर्नर के द्वारा प्राप्‍त पोस्‍ट के फीड को हमारे पाठकों के मेल बाक्‍स पर पब्लिश करते ही पहुंचाने में सहायक होगा। 
यह गैजैट लगभग उसी प्रकार है जिस प्रकार हम फीडबर्नर के ई मेल सब्‍सक्रिप्‍शन गैजैट कोड को जनरेट कर अपने ब्‍लाग में लगाते हैं। फीडबर्नर के इस कोड को प्राप्‍त करना एवं इसे अपने ब्‍लॉग में लगाने की प्रक्रिया कई ब्‍लॉगर बंधुओं के लिए किंचित कठिन काम होता है। जबकि इस नये Follow by Email गैजैट को सिर्फ एड करने मात्र से यह गैजैट हमारे ब्‍लॉग में जुड़ जाता है। 
Follow by Email गैजैट में दिए रिक्‍त स्‍थान में यदि हमारा कोई पाठक अपना ई मेल आईडी डाल कर उसे सम्बिट करता हैं तो, उसके बाद से हमारा प्रत्‍येक पोस्‍ट नियमित रूप से उस पाठक को उसके ई मेल बाक्‍स में मिलना आरंभ हो जाता है। इस सुविधा से पाठकों को बार-बार हमारे ब्‍लॉग पर आने की आवश्‍यकता नहीं पड़ती और वे अपने ई मेल बाक्‍स में ही हमारे पोस्‍टों को पढ़ लेंते हैं। 
..... यद्धपि मेल से पढ़ने वाले पाठक आपके ब्‍लॉग के 
हिट काउंटर की संख्‍या नहीं बढ़ा पायेंगें। 
अधिकतम फीड रीडर ब्‍लॉग पर आकर टिप्‍पणी भी नहीं करते हैं, 
जिसके कारण ब्‍लॉग लेखक को पता नहीं चल पाता कि कौन पाठक मुझे पढ़ रहा है। 
इन दोनों कारणों से टिप्‍पणी प्रेमी और रेंकिंग प्रेमी ब्‍लॉगरों को 
निराशा होगी। 
... किन्‍तु धुरंधर लिख्‍खाड़ ब्‍लॉगरों का भी मानना है कि 
पाठक ही हमारे लिए सर्वोपरि है।


आईये देखें हम Follow by Email गैजैट को अपने ब्‍लॉग में कैसे एड कर सकते हैं। ब्‍लॉगर में लागईन होंवें - डैशबोर्ड में - डिजाईन को क्लिक करें - पेज एलीमेंट में एड ए गैजैट क्लिक करें - यहां पहला गैजैट Follow by Email का है, इस प्रकार -

इसे एड कर लेवें और अपने ब्‍लॉग के साईडबार में लगा देवें। ब्‍लॉग में गैजैट कुछ ऐसा दिखेगा -
टिप्‍पणियों और हिट-रैंकिंग का मोह छोडि़ये, Follow by Email गैजैट अपनाईये.  

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छत्‍तीसगढ़ में शिवनाथ नदी के किनारे बसे एक छोटे से गॉंव में जन्‍म, उच्‍चतर माध्‍यमिक स्‍तर तक की पढ़ाई गॉंव से सात किलोमीटर दूर सिमगा में, बेमेतरा से 1986 में वाणिज्‍य स्‍नातक एवं दुर्ग से 1988 में वाणिज्‍य स्‍नातकोत्‍तर. प्रबंधन में डिप्‍लोमा एवं विधि स्‍नातक, हिन्‍दी में स्‍नातकोत्‍तर की पढ़ाई स्‍टील सिटी में निजी क्षेत्रों में रोजगार करते हुए अनायास हुई. अब पेशे से विधिक सलाहकार हूँ. व्‍यक्तित्‍व से ठेठ छत्‍तीसगढि़या, देश-प्रदेश की वर्तमान व्‍यवस्‍था से लगभग असंतुष्‍ट, मंच और माईक से भकुवा जाने में माहिर.

गॉंव में नदी, खेत, बगीचा, गुड़ी और खलिहानों में धमाचौकड़ी के साथ ही खदर के कुरिया में, कंडिल की रौशनी में सारिका और हंस से मेरी मॉं नें साक्षात्‍कार कराया. तब से लेखन के क्षेत्र में जो साहित्‍य के रूप में प्रतिष्ठित है उन हर्फों को पढ़नें में रूचि है. पढ़ते पढ़ते कुछ लिखना भी हो जाता है, गूगल बाबा की किरपा से 2007 से तथाकथित रूप से ब्‍लॉगर हैं जिसे साधने का प्रयास है यह ...